Saturday, September 24, 2016

Production Of XRays

 Bremsstrahlung / Continuous xray- यह तब उत्पन्न होता हैं जब कोई तेज गति से गतिमान इलेक्ट्रान नाभिक के साथ परस्पर क्रिया करता हैं | इलेक्ट्रान ऋण आवेशित होता हैं तथा यह जब धन आवेशित नाभिक के पास से गुजरता हैं तो आकर्षण बल के कारण इलेक्ट्रान मंदित (Declerates) होता हैं, तथा अपनी उर्जा Xray Photon के रूप में उत्सर्जित करता हैं, जिन्हें Bremsstrahlung xrays या सतत विकिरण (Continuous Radiation ) कहते हैं | उत्सर्जित  Xray Photon की उर्जा इस बात पर निर्भर करती हैं की इलेक्ट्रान नाभिक के कितने पास से गुजरता हैं | जब इलेक्ट्रान ज्यादा दूर से गुजरता हैं तब कूलाम बल (Coulamb Force ) कमजोर होने से कम उर्जा (Low Energy ) की उर्जा निकलती हैं | इस परिघटना के घटित होने की अधिक सम्भावना होती हैं |
जब इलेक्ट्रान नाभिक के ज्यादा पास से गुजरता हैं तो इलेक्ट्रान का ज्यादा मंदन होता हैं, ज्यादा गतिज उर्जा की हानी होती हैं जो उच्च उर्जा के Xray Photon के रूप में निकलता हैं | लेकिन इस परिघटना के घटित होने की सम्भावना कम होती हैं |
अतः Bremsstrahlung में शुन्य से अधिकतम उर्जा तक के कोई भी इलेक्ट्रान हो सकते हैं|  Bremsstrahlung Photon की अधिकतम उर्जा आपतित इलेक्ट्रान की अधिकतम गतिज उर्जा द्वारा निर्धारित होती हैं | तथा उत्सर्जित Bremsstrahlung  Photon की दिशा भी आपतित फोटोन की उर्जा पर निर्भर करती हैं | 100 keV उर्जा से कम के इलेक्ट्रान से सभी दिशा में समान रूप से Xray Photon निकलते हैं | जैसे - जैसे इलेक्ट्रान की उर्जा बढती जाती हैं Xray Photon की दिशा अग्रेषित (Forward ) होती जाती हैं |
Diagnostic Radiology में इस का विशेष महत्त्व हैं इसमें टारगेट को इतना मोटा लिया जाता हैं जो पूरी इलेक्ट्रान beam को रोक लेता हैं तथा आगे की दिशा में जाने वाले विकिरण को अवशोषित कर लेता हैं | जिससे टारगेट के 90° पर उपयोगी Xray beam प्राप्त होती हैं |

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