Tuesday, November 22, 2016

X-Ray Tube Construction

एक्सरे ट्यूब के निम्न भाग होते हैं -
1.  ट्यूब आवरण  (Tube Envelope)-   एक्स-रे ट्यूब मे एनोड तथा कैथोड एक एयर टाइट (air tight ) एनवलप में बंद रहते हैं इस एनवलप तथा इसके अन्दर के भाग सम्मिलित रूप से ट्यूब इन्सर्ट (Tube Insert ) कहलाते हैं |अधिकांश एक्सरे ट्यूब में यह एनवलप पायरेक्स ग्लास (Pyrex Glass) का बना  होता हैं लेकिन कुछ आधुनिक एक्सरे ट्यूब में यह मेटल या सिरेमिक का भी बना होता हैं |
     एक्सरे ट्यूब के कार्य-
      (i) यह एनोड व कैथोड को इंसुलेशन (Insulation ) व सपोर्ट (Support) प्रदान करता हैं |
      (ii) यह एक्सरे ट्यूब में निर्वात (Vacuum) बनाये रखता हैं |
2. कैथोड (Cathode )- कैथोड  टंगस्टन धातु का बना तार होता हैं जिसका व्यास लगभग 0.2 mm होता हैं | यह 0.2 cm की  कुंडली के रूप में लपेटा हुआ होता हैं जिसे फिलामेंट कहते हैं | इसे एक फोक्सिंग कप (Focusing Cup ) घेरे रहता हैं | फिलामेंट में 10 V का विभवान्तर व 3-6 Amp की धारा प्रवाहित की जाती हैं, जिससे इलेक्ट्रान के प्रवाह में प्रतिरोध के कारण फिलामेंट गर्म होता हैं तथा तापीय उत्सर्जन (Thermionic Emission ) प्रभाव के कारण इलेक्ट्रान का उत्सर्जन होता हैं | इलेक्ट्रान का उत्सर्जन ताप पर निर्भर करता हैं | फिलामेंट की आयु व क्षमता बढ़ाने के लिए थोडा सा थोरियम मिलाया जाता हैं|
          सामान्यतः एक्सरे ट्यूब में दो फिलामेंट होते हैं जो फोक्सिंग कप में side by side या क्षैतिज लगे होते हैं  |  ये स्माल फोकल स्पॉट व लार्ज फोकल स्पॉट फिलामेंट कहलाते हैं |
    (a) स्माल फोकल स्पॉट- यह उन रेडियोग्राफिक प्रोजेक्शन में कम आता हैं जिनमे बहुत ज्यादा डिटेल  की आवश्यकता हो जैसे - Chest Xray, Abdomen Xray |
    (b) लार्ज फोकल स्पॉट - जिन बॉडी एनाटोमी रेडियोग्राफ में ज्यादा डिटेल की आवश्यकता नहीं होती वहा किये जाते हैं जैसे- Upper and Lower Extrimities |
कुछ आधुनिक एंजियोग्राफी मशीन में तीन फिलामेंट भी होते हैं |
कैथोड को हाई वोल्टेज के ऋणात्मक भाग से जोड़ा जाता हैं |